इस देश में सदियों से बौद्ध सुरक्षित हैं, जैन सुरक्षित हैं, मुट्ठी भर पारसी सुरक्षित हैं, चंद हज़ार शायद दो हज़ार से भी कम यहूदी सुरक्षित हैं, ईसाई भी सुरक्षित हैं बस 22 करोड़ मुसलमान असुरक्षित हैं....नहीं?
हामिद अंसारी जी ये देश की स्थिति नहीं बल्कि आपकी मानसिकता बतला रही है कि आप अपने रिटायरमेंट के बाद अपनी जमात के चहेते बने रहना चाहते हैं, आप वही हैं ना जिसनें अलीगढ़ मुस्लिम विवि में रहते हुए SC/ST के छात्रों के लिए आरक्षण लागू नहीं होने दिया था, क्योंकि वो विवि मुसलमानों के लिए बना है?....हम तो खुश हैं कि देश आप जैसों की कलई खुलते अपनी आंखों से देख रहा है कि पढ़ लिख जाने व देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर रहने के बावजूद भी अपनी कुत्सिक मानसिकता दिखाने से बाज़ नहीं आते....आपको जितनी भी गालियाँ मिल रही हैं आप उससे कहीं अधिक के अधिकारी हैं। शर्म कीजिये।
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