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Saturday, 20 July 2024

गुरु पूर्णिमा (दिनांक 21-7-24, रविवार)

 गुरु पूर्णिमा 

(दिनांक 21-7-24, रविवार)

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*सनातन वैदिक हिंदू धर्म एवं भारतीय (हिंदू) संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का महत्त्व* जिसमें

*त्याग, शौर्य, सूर्य तेज तथा समर्पण का भाव है।*

*गुरु भगवा ध्वज है एवं हम सब उसके शिष्य।*


_*स्वयंसेवक और गुरुपूजन उत्सव*_


*मैं वर्षभर स्वयं को संघ का स्वयंसेवक कहता हूं, समाज में संघ की बात भी करता हूं, गणवेश भी पहनता हूं, शाखा भी कभी-कभी जाता हूं।*


*समाज के लोगों को स्वयंसेवक बनने के लिए प्रेरित भी करता हूं, जब प्रचारकजी या बड़े भाई साहब आते हैं तो उनको बताता हूं या शाखा में परिचय देते समय बताता हूं कि मैं इतने वर्षों से स्वयंसेवक हूं।*


*'स्टेटस' में अपने गणवेश वाली फोटो भी लगाता हूं, संघ के देशभक्ति गीत व कविताएं, बोध कथाओं के 'स्टेट्स' व प्रचार प्रसार भी करता हूं और परिचय में अपना परिचय देता हूं कि _"मैंने प्राथमिक वर्ग किया है,  मैंने प्रथम वर्ष किया है।"_*

*परम पवित्र भगवा ध्वज को अपना गुरु भी बताता हूं। क्योंकि ये त्याग समर्पण का प्रतीक भी है।*


लेकिन

क्या मैंने वर्ष भर में एक बार आने वाले संघ के _महत्त्वपूर्ण उत्सव_ *गुरु पूजन* व *गुरू दक्षिणा* कार्यक्रम में समर्पण किया?

नहीं किया। *तो फिर मेरा स्वयंसेवक होने का अर्थ ही क्या जब मैंने अपने गुरु की पूजा नहीं की, गुरु को समर्पण नहीं किया।*


*समर्पण का अर्थ _केवल धन, रुपये से नहीं है;_ हम अपने गुरु को समय का भी समर्पण कर सकते हैं, मन का भी समर्पण कर सकते हैं। आत्म भाव का पुष्प या फूल भी चढ़ा सकते हैं।* लेकिन 

*एक स्वयंसेवक का गुरु पूजन होना बहुत ही आवश्यक है।*


*दायित्ववान कार्यकर्ता एवं सक्रिय स्वयंसेवकों का व पुराने स्वयंसेवक कार्यकर्ताओं का भी दायित्व बनता है।*


*सोचिए मैं दायित्ववान स्वयंसेवक हूं।* लेकिन मैं प्रचारकजी/कार्यवाहजी के फोन की राह देख रहा हूं? कि

वह फोन करके मुझे बोले कि *अपनी शाखा व अपने आस पास लगने वाली शाखा पर गुरुपूजन उत्सव/गुरु दक्षिणा कार्यक्रम मनाना है।*

हो सकता है किसी कारण वश यह लोग व्यस्त हो या मुझे 'फोन' नहीं लगा हो, तो *_मैं स्वयं भी तो गुरु पूजन उत्सव का आयोजन कर सकता हूं।_*


जिस बस्ती, गांव, नगर में मैं रहता हूं वहां

*ऐसे भी स्वयंसेवक हैं जो आवश्यकतानुसार सक्रिय नहीं है, प्रतिदिन शाखा नही जाते, तो उनका गुरु पूजन कौन करवाएगा?*

*मैं ही तो हूं जो ऐसे स्वयंसेवकों को सूचना देकर उनका शाखाओं पर गुरु पूजन करवाऊँगा।*

*अगर ऐसे स्वयंसेवकों का गुरु पूजन नहीं हो पाता तो मैं भी उसका दोषी हूं, क्योंकि समय रहते मैंने अपने ग्राम बस्ती नगर, उपखंड, मंडल में गुरु पूजन उत्सव का आयोजन नहीं किया और विभिन्न स्वयं सेवकों को सूचना नहीं दी।*


*अभी भी समय है;*

_गुरु पूजन के लिए, मैं उठूंगा, घर से निकलूंगा, स्वयंसेवकों को सूचना दूंगा और उनका गुरु पूजन अवश्य करवाऊंगा।_

*तब मैं सही स्वयंसेवक कहलाऊंगा।*


वर्षभर में होने वाली गुरु दक्षिणा गुरु/पूजन कार्यक्रम से ही

*पुरे एक वर्ष का कार्यालय व प्रचारकों का तथा शिविर वर्ग तथा उत्सवों एवं अन्य आयामों गतिविधियों के लिए यह सारा धनराशि खर्च होता है।*


_असामयिक मृत्यु को झेलने वाले केरल तथा बंगाल के स्वयंसेवक कार्यकर्ता बन्धुओं के परिवारों का खर्चा भी इसी से चलता है।_

*_प्रत्येक स्वयंसेवक को गुरु दक्षिणा समर्पण करनी चाहिए।_* 


*जिन-जिन व्यक्तियो ने संघ (RSS) की शाखा में व किसी भी कार्यक्रम/उत्सवो में एक बार भी ध्वज प्रणाम कर लिया वह व्यक्ति आजीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घटक अंग समाजसेवी, यानि संघ का कार्यकर्ता, स्वयंसेवक बन जाता है।*


*हिंदू राष्ट्र के प्रतीक आराध्य गुरु _भगवा ध्वज_ सदा फहराता रहे।*


*भारत माता की जय*

*वंदे मातरम्*


~भवदीय 

*एक स्वयंसेवक*

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Tuesday, 2 July 2024

*परम् पूज्य रज्जू भैया जी🚩

 ⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳

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आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष, *द्वादशी*,

रोहिणी नक्षत्र, सूर्य उत्तरायण,

ग्रीष्म ऋतु, युगाब्ध ५१२६,

विक्रम संवत-२०८१,

बुधवार , 03 जुलाई 2024.

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*_प्रभात दर्शन_ :-*

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*¶¶यह राष्ट्र हजारों वर्षों से हिंदू राष्ट्र है , हिंदू बनाना है नहीं है , स्थापित नहीं करना है , इसकी घोषणा भी नहीं करनी है , अपितु हिंदू राष्ट्र का सर्वांगीण विकास करना है। हिंदू अभी सुप्त अवस्था में है थक गया है , जब यह जागेगा तो ऐसी प्रदीप्त और तेजस्विता लेकर जागेगा की सारी दुनिया इसकी कर्मठता से प्रकाशित हो जाएगी¶¶*


   *परम् पूज्य रज्जू भैया जी🚩*

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*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*

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            🙏🚩*